शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी, तेजस्वी यादव , राहुल गांधी BPSC TRE 4.0 प्रदर्शन पर नेताओं के बयान
8 मई से 12 मई 2026 के बीच BPSC TRE 4.0 (शिक्षक बहाली) को लेकर बिहार की राजनीति में काफी हलचल रही है। इस दौरान मुख्य रूप से बहाली में हो रही देरी और पटना की सड़कों पर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर नेताओं के बयान सामने आए हैं:
प्रमुख बयान और घटनाक्रम (8 मई - 12 मई 2026)
मिथिलेश कुमार तिवारी (शिक्षा मंत्री, बिहार):
शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों के आंदोलन, विशेषकर महिला अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि:
"जब सरकार अभ्यर्थियों के अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है, तो आंदोलन की आवश्यकता ही क्या है?"
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'नारी शक्ति वंदन' का हवाला देते हुए कहा कि बिहार की बेटियां हमारी ताकत हैं और उन्हें सड़कों पर उतरने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार उनकी नियुक्ति के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 46,882 पदों पर बहाली की प्रक्रिया पाइपलाइन में है और विज्ञापन जल्द ही जारी किया जाएगा।
आंदोलन और पुलिस कार्रवाई (8 मई 2026):
8 मई (शुक्रवार) को पटना की सड़कों पर बड़ी संख्या में TRE 4.0 के अभ्यर्थियों ने नोटिफिकेशन में हो रही देरी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस द्वारा 'हल्के बल' का प्रयोग (लाठीचार्ज) भी किया गया, जिसकी विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने आलोचना की।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा:
विपक्ष की ओर से (सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार) सरकार पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि अप्रैल के अंत तक नोटिफिकेशन जारी करने का वादा करने के बावजूद मई का दूसरा सप्ताह बीत जाने पर भी विज्ञापन नहीं आया है। अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर भी रोष है कि रिक्तियों की संख्या को लेकर विभाग और आयोग के बीच तालमेल की कमी दिख रही है।
तेजस्वी यादव के प्रमुख बयान और आरोप निम्नलिखित हैं:
1. "अपने बच्चों को मंत्री बना लो, युवाओं पर लाठी चला दो"
8 मई 2026 को पटना में अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया (X) और मीडिया ब्रीफिंग में सरकार को घेरा। उन्होंने हालिया कैबिनेट विस्तार पर तंज कसते हुए कहा:
"NDA के नेताओं ने बिना किसी चुनावी प्रक्रिया के अपने बच्चों को तो मंत्री बना दिया, लेकिन जो युवा सालों से मेहनत कर अपनी बहाली का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें तोहफे में लाठियां दी जा रही हैं।"
2. बहाली में देरी और वादाखिलाफी का आरोप
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि चुनाव से पहले किए गए वादों का क्या हुआ?
विज्ञापन में देरी: उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार बनने के 6 महीने बाद भी TRE 4.0 का विज्ञापन जारी नहीं हुआ है, जबकि वादा अप्रैल 2026 तक का था।
युवाओं से नफरत: उन्होंने पूछा कि वर्तमान सरकार को बिहार के युवाओं से इतनी नफरत क्यों है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर भी उन पर अत्याचार किया जा रहा है।
3. महिला अभ्यर्थियों के साथ दुर्व्यवहार पर आपत्ति
8 मई को हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने महिला अभ्यर्थियों तक को नहीं बख्शा। उन्होंने इसे "लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन" और "शर्मनाक" करार दिया। तेजस्वी ने कहा कि युवा केवल अपना अधिकार (परीक्षा और रोजगार) मांग रहे हैं, कोई खैरात नहीं।
4. "रोजगार बनाम लाठी" का विमर्श
तेजस्वी यादव ने अपने बयानों में लगातार अपनी पिछली 17 महीने की सरकार (महागठबंधन) की तुलना वर्तमान सरकार से की। उन्होंने दावा किया कि उनके समय में लाखों नियुक्तियां बिना किसी हंगामे के हुईं, जबकि वर्तमान सरकार केवल "तारीख पर तारीख" दे रही है और वैकेंसी की मांग करने पर डंडे बरसा रही है।
ताजा स्थिति: तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद राजनीति गरमा गई है और विपक्षी दलों (कांग्रेस और वाम दल) ने भी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 10 मई को पुलिस ने 5,000 अज्ञात अभ्यर्थियों और छात्र नेता दिलीप कुमार पर FIR भी दर्ज की है,
जिस पर भी तेजस्वी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "आवाज दबाने की कोशिश" बताया है।
राहुल गांधी (लोकसभा में विपक्ष के नेता)
1. "रोजगार मांगो तो लाठी मिलती है"
राहुल गांधी ने 8 मई को पटना के जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:
"पटना में अपने रोज़गार का हक़ मांगते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को बिहार पुलिस ने बेरहमी से पीटा। बेरोज़गार युवाओं को बीजेपी का जवाब सिर्फ लाठी है।"
2. बेरोजगारी को बताया "सबसे बड़ी बीमारी"
उन्होंने बेरोजगारी की समस्या को देश के लिए एक गंभीर संकट बताया और विशेष रूप से बिहार-यूपी के युवाओं का जिक्र किया:
सबसे अधिक प्रभाव: उनके अनुसार, बेरोजगारी का सबसे विनाशकारी प्रभाव बिहार और उत्तर प्रदेश के युवाओं पर पड़ रहा है।
डिग्री बनाम नौकरी: उन्होंने कहा कि लाखों युवा डिग्रियां और हुनर लेकर दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार को उनकी कोई परवाह नहीं है।
3. "झूठ से तंग आ चुका है युवा"
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं से केवल झूठे वादे करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
भारत का युवा अब भाजपा के "झूठ" से तंग आ चुका है और वह अब खामोश नहीं बैठेगा।
उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी हर मोड़ पर इन युवाओं और अभ्यर्थियों के साथ खड़ी है।
4. बहाली में देरी पर सवाल
हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर विज्ञापन की तकनीकी बारीकियों पर बात नहीं की, लेकिन उनका पूरा विरोध TRE 4.0 के नोटिफिकेशन में हो रही देरी और उस मांग को दबाने के लिए किए गए बल प्रयोग पर केंद्रित था।
संदर्भ:
यह बयान उस समय आया जब 8 मई 2026 को पटना में लगभग 46,000 पदों पर शिक्षक बहाली (TRE 4.0) का विज्ञापन निकालने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई महिला अभ्यर्थी भी घायल हुई थीं।
BPSC TRE 4.0 की वर्तमान स्थिति
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विवरण |
ताजा अपडेट |
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कुल रिक्तियां |
लगभग 46,595 से 46,882 पद |
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संभावित परीक्षा तिथि |
22 सितंबर से 27 सितंबर 2026 |
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विवाद का कारण |
अप्रैल 2026 की डेडलाइन के बावजूद नोटिफिकेशन में देरी |
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नया नियम |
"एक अभ्यर्थी - एक परिणाम" का फॉर्मूला लागू करने की तैयारी |

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